College Professor कैसे बने-How to become College Professor in Hindi?

आज के इस पोस्ट में जानेंगे की College Professor कैसे बने, इसका कार्य और वेतन। सरकारी नौकरी करना बहुत लोगों को पसंद होता है क्योकिं सरकारी नौकरी Secure होता है और वेतन भी अधिक होता है। सरकारी नौकरी करने के लिए शिक्षा की जरूरत होती है और शिक्षा ज़िंदगी का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है। जिन लोगों की शिक्षा मे रुचि है उनमें से कितने लोग अपना लक्ष्य College Professor बनकर देश को शिक्षित कर देश को बदलना और विकसित करना चाहते है। ज्यादातर लोगों को एक कॉलेज प्रोफेसर की लाइफ बहुत ही अच्छी लगती है।  क्योंकि उनका काम आरामदायक होता है और वेतन भी बहुत ज्यादा मिलता है और तो ओर Society में, Student में ओर ,लोगों के बीच उनकी काफी इज्जत भी होती है।

College Professor बनना कोई मुश्किल काम नहीं होता लेकिन Hard work की जरूरत होती है। अपने पसंद के Subject पर पूरी ध्यान से पढ़ाई करना पड़ता है। आप Direct College प्रोफेसर नहीं बन सकते है इसके लिए आपको कई सारे Exam देने होते है और इसको पास करना होता है तब जाकर आप एक शिक्षक बनते है . बाद में Experience होने के बाद आपका promotion एक College Professor में हो जाता है। तो चलिये जानते कॉलेज प्रोफेसर के बारे विस्तार से।

collage professor kese bane

कॉलेज प्रोफेसर के प्रकार

Assistant Professor– शिक्षक के बाद प्रोमोशन होने के बाद आपको असिस्टेन्ट प्रोफेसर के लिए सिलेक्ट किया जाएगा जिसके लिए शिक्षक होने का 5 से 10 साल का अनुभव जरूरी होता है। असिस्टेन्ट प्रोफेसर को इंस्टिट्यूट के रिसर्च टास्क पर टीचिंग का परफॉरमेंस देना पड़ता है।

Associate Professor–  इन प्रोफेसर को स्टडी सेंटर के बाहर प्रोफेशनल एक्टिविटीज को डेवेलोप करना पड़ता है। यह एक यूनिवर्सिटी की बाहर की एक्सटर्नल जॉब है जिसे टेम्पररी कॉन्ट्रैक्ट डेडिकेशन के माध्यम कुछ घंटे टीचिंग के लिए देने पड़ते है ।

Visiting Professor– यह प्रोफेसर एक्सटर्नल स्टडी सेंटर के लिए होते है जो कॉलेज के दौरान टीचिंग ओर रिसर्च के टास्क को करने के लिए आते है और यह प्रोफेसर का सबसे उच्च कैटेगिरी है।

इसी तरह आप कॉलेज प्रोफेसर बन सकते है।  अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो इसे आप अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो कॉलेज के प्रोफेसर बनना चाहते है।

कॉलेज प्रोफेसर बनने के लिए योगता

  1. College Professor बनने के लिए 10वीं पास होना चाहिए।
  2. 10वीं पास होने के बाद अपने पसंद के Subject के अनुसार 12वीं का पढ़ाई पूरी करें।
  3. 12वीं पास होने के बाद अपने पसंद के Subject के अनुसार ग्रेजुएशन होना चाहिए।
  4. ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद Post Graduation होना अनिवार्य है।

कॉलेज प्रोफेसर बनने का शुरू से जानकारी (Starting knowledge of become College Professor in HIndi)

[wps_dropcap size=”1″ color=”#ffffff” background=”#35ce8d” border=”0 none” radius=”0″]1[/wps_dropcap]सबसे पहले 12वीं पास करें।   

सरकारी नौकरी में कोई भी अच्छा पद चाहिए तो 12वीं पास करना अनिवार्य होता है। जैसे वकील बनना चाहते है, डॉक्टर बनना चाहते है या इंजीनियर बनना चाहते है इन सभी के लिए 12वीं होना आवश्यक है। 12वीं अपने पसंद के सब्जेक्ट के अनुसार पढ़ें चाहे वो साइन्स, कॉमर्स या आर्ट्स। 12वीं मे मन लगाकर पढ़ें ताकि अच्छे मार्क्स आएंगे तो आपको Graduation पढ़ने के लिए अच्छी कॉलेज मिले।

[wps_dropcap size=”1″ color=”#ffffff” background=”#35ce8d” border=”0 none” radius=”0″]2[/wps_dropcap]ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करें

आपका 12वीं पूरा हो जाए तो Graduation की पढ़ाई पूरी करें। Graduation उसी सब्जेक्ट से पढे जिसे आपको कॉलेज प्रोफेसर बनना है। इसमें आपको कम-से-कम 55% आना अनिवार्य है। अगर इतना मार्क्स नहीं आता है तो कॉलेज प्रोफेसर नहीं बन सकते हैं।

[wps_dropcap size=”1″ color=”#ffffff” background=”#35ce8d” border=”0 none” radius=”0″]3[/wps_dropcap]पोस्ट ग्रेजुएशन यानि मास्टर डिग्री पूरी करें

जैसे ही आपकी ग्रेजुएशन पूरी हो जाए तो आपको जिस सब्जेक्ट को पढ़ना है उस सब्जेक्ट में मास्टर डिग्री यानि पोस्ट ग्राजुएशन करना होगा। इस डिग्री को लेने से आप अपने पसंद के सब्जेक्ट में मास्टर का ज्ञान हो जाएगा इससे आप उस विषय मे Expert हो जाएंगे। पोस्ट ग्रेजुएशन में सामान्य वर्ग तथा ओबीसी उम्मीदवारों के लिए कम से कम 55 फीसदी अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन होना। एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50 फीसदी अंक होने चाहिए।

[wps_dropcap size=”1″ color=”#ffffff” background=”#35ce8d” border=”0 none” radius=”0″]4[/wps_dropcap]UGC NET टेस्ट क्लियर करें

जैसे ही आपका पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा हो जाता है इसके बाद आप कॉलेज प्रोफेसर बनने केलिए तैयार है लेकिन पहले आपको एक NET का Exam पास करना होगा। यूजीसी नेट यानि यूनिविर्सटी अनुदान आयोग का National Eligibility Test। यह नेशनल लेवल पर आयोजित होने वाला Exam है जो सरकारी कॉलेजों में भर्ती के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करता है। UGC  द्वारा इस परीक्षा का आयोजन साल में दो बार JUNE  एवं decmber  में किया जाता है आपको बता दें कि अब USC  Exam CBSC द्वारा इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

National Eligibility Test Demo

सभी  पेपर में अलग-अलग पास होना जरूरी है। इनका कट ऑफ रिजर्वेशन कैटेगरी के अनुसार तय किया जाता है।

  • पेपर: यह जनरल अवेयरनेस का होता है, इसमें रीजनिंग, करंट अफेयर्स, मेंटल एबिलिटी, एनवायरमेंट रिसर्च मेथेडॉलजी, कंप्यूटर और राजनीति पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 60 ऑब्जेक्टिव टाइप के सवाल होते हैं जिसमें से 50 करने होते हैं। यह पेपर 100 अंक का होता है।
  • पेपर: दूसरा पेपर चयनित विषय पर आधारित होता है। इसमें भी 50 ऑब्जेक्टिव टाइप के सवाल होते हैं। यह पेपर भी 100 अंक का होता है।
  • पेपर3: तीसरा पेपर भी चयनित विषय पर ही आधारित होता है लेकिन इसमें ज्यादा इन-डेप्थ सवाल पूछे जाते हैं। इसमें 75 ऑब्जेक्टिव टाइप के सवाल होते हैं। यह पेपर 150 अंक का होता है।

2021 से बिना NET का Exam दिये बनेंगे प्रोफेसर

वर्ष 2021 से लागू होने जा रही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता संबंधी नई नियमावली के तहत पीएचडी धारक उम्मीदवार बिना नेट उत्तीर्ण किए असिस्टेंट प्रोफेसर बन सकेंगे। नियमावली में कॉलेजों में एपीआई प्रणाली को भी खत्म कर दिया गया है, साथ ही नए शिक्षकों के लिए एक महीने का इंडक्शन कोर्स भी जरूरी कर दिया गया है। 2021 के बाद विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पीएचडी को अनिवार्य कर दिया गया है और कॉलेजों में भी सहायक प्रोफेसर(सेलेक्शन ग्रेड) की पदोन्नति के लिए भी पीएचडी को अनिवार्य किया गया है। नई नियमावली में दुनिया के पांच सौ श्रेष्ठ रैंकिंग विदेशी शैक्षणिक संस्थानों से पीएचडी करने वाले लोगों को भी सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति में मान्यता दी जाएगी और उनकी नियुक्ति के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।

ऐसे करें कॉलेज प्रोफेसर की तैयारी

  • आपने जो भी विषय सिलेक्ट किया है, उसमें जो भी नई रिसर्च प्रकाशित हो रही हैं, उनके बारे में अपटू डेट रहें।
  • नेट में पूछे जाने वाले सवालों के पैटर्न पर पकड़ से उसकी फोकस्ड होकर तैयारी की जा सकती है। इसके लिए यह ट्रैक करें कि किस चैप्टर से और किस तरीके के सवाल पूछे जाते हैं।
  • बचे हुए समय में किसी नई चीज को आधा-अधूरा पढ़ने से बेहतर है जो टॉपिक जितना अधिक पूछे जाते है उसमें फोकस रहें।
  • जब भी मॉक पेपर से सवाल हल करें, वास्तविक परीक्षा की तरह ही करें, इससे समय प्रबंधन के साथ बेहतर अभ्यास हो सकेगा।
  • रिविजन बार-बार करते रहें, इससे कांफीडेंस के साथ साथ जानकारी भी बढ़ेगी।

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नमस्कार दोस्तो मेरा नाम vivek dobriyal है. और में एक blogger हु। मैने engineering की है। और अब अपने blogs के ज़रिए infromation को सभी के साथ शेयर करता हु। मेरे blogs हमेशा research based होते है और मै अपने visitors को हमेशा सही जानकारी ही देने की कोसिस करता हूं।

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